एक सफर आज जिसका आग़ाज यहाँ से होगा
न जाने कल कहाँ ले जाएगा
इस जिन्दगी से उम्मीद भी यही है मुझको
आज जो मैं हूँ कल कुछ हो जाएगा
मुझे वक्त ने समेटने की कोशिश की है
लेकिन ये वक्त हमेशा पीछे रह जाएगा
सभी मिलेंगे मुझसे यहाँ पर
बस मेरा मुझसे मिलना न हो पाएगा
जीना तो है कुछ इस तरह मुझको
कि ये सफ़र यादगार बन जाएगा।
Leave a comment