ये क्या उम्मीदें हैं लोगों की मुझसे
जिन्दगी भर जाएगी, उम्मीदें नहीं।
कुछ दूर जाते ही अहसास हुआ
जान ये मेरी जाएगी, तेरी नहीं।
वो काली रातों के खुले ख्वाब मेरे
नीन्द मेरी उडा जाएगी, शायद उसकी नहीं।
ये क्या उम्मीदें हैं लोगों की मुझसे…
ये क्या उम्मीदें हैं लोगों की मुझसे
जिन्दगी भर जाएगी, उम्मीदें नहीं।
कुछ दूर जाते ही अहसास हुआ
जान ये मेरी जाएगी, तेरी नहीं।
वो काली रातों के खुले ख्वाब मेरे
नीन्द मेरी उडा जाएगी, शायद उसकी नहीं।
ये क्या उम्मीदें हैं लोगों की मुझसे…
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