मुस्कुराते ही मुस्कुराते रहना है तुमको
जिस पल कोई ख़ुशी न भी हो तुमको
ज़िन्दगी का सफ़र एक किताब है
हर पन्नों में मतलब भरना है तुमको
ऐसा गुमां न करना कभी भी
कि ज़रूरत नहीं है किसी की तुमको
गुज़रते हर वक़्त में अरमानों का सैलाब
उसी सैलाब पर सफ़र करना है तुमको
मुसीबतें आएँगी, तन्हाई का असर भी छाएगा
उनका एहसास कर, सब पर एहसान करना है तुमको
हमारा तो पता नही, कहाँ होंगे
पर आदतों में, यादों में जिंदा रखना है तुमको
Leave a comment