बाज़ार

आज मैं बाज़ार में खड़ा हूँ
बहुत-सी चीजें बिक रही है यहाँ
मन बिक रहा, मन का भाव बिक रहा
देखकर यह भौंचक्का हुआ
मैं गुमसुम कुछ खयालों में
अपनी ही कीमत का अंदाजा लगाने लगा हूँ।


Leave a comment