बहुत आसान है…

कितना आसान है जज़बातों को बयाँ करना

कितना आसान है जज़बातों को दबा देना

कितना आसान है जज़बातों से डर जाना

कितना आसान है जज़बातों से हार जाना

कितना आसान है गुस्से में गुस्सा करना

कितना आसान है प्यार से बातें करना

कितना आसान है गम पर आँसू बहाना

कितना आसान है बातों पर रूठ जाना

कितना आसान है रोते पर मुस्कुराना

कितना आसान है आँखें बंद कर आगे बढ़ जाना

कितना आसान है रातों को सो जाना

कितना आसान है गलतियों को निकालना

कितना आसान है दूसरों पर चिल्लाना

कितना आसान है ज़िन्दगी जी जाना

कितना आसान है आराम से मर जाना

कितना आसान है किसी को भूल जाना

कितना आसान है यादों में डूब जाना

कितना आसान है कुछ कर जाना

कितना आसान है एक नाम बन जाना

कितना आसान है आवाज़ उठाना

कितना आसान है शोर में दब जाना

कितना आसान है कुछ भी करना

कितना आसान है कुछ न करना

आसान बस इतना है कि आदत को दोहराना

आसान है कुछ भी आदत बन जाना

बस इतना ही आसान है कि दायरे में रहना

आसान नहीं है कुछ भी बिन सहूलियत करना

आसान और मुश्किल की लड़ाई में

अफ़सोस है सही का दब जाना….


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